गोस्वामी तुलसीदास हिंदी साहित्य के सूर्य और रामभक्ति शाखा के सर्वोपरि कवि माने जाते हैं। उनकी अमर रचना 'रामचरितमानस' ने भारतीय जनमानस में मर्यादा, धर्म और भक्ति के आदर्शों को गहराई से स्थापित किया। तुलसीदास जी की चौपाइयाँ और दोहे सदियों से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का अभिन्न अंग बने हुए हैं।