अमीर खुसरो एक महान सूफी संत, कवि और संगीतकार थे, जिन्हें 'तूती-ए-हिंद' (भारत का तोता) के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने खड़ी बोली हिंदी और उर्दू के प्रारंभिक स्वरूप को गढ़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और अपनी पहेलियों, मुकरियों और ग़ज़लों से जनमानस को मुग्ध किया। खुसरो की रचनाओं में भारतीय संस्कृति, सूफी रहस्यवाद और गंगा-जमुनी तहज़ीब का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।