ग़ज़ल

औरन सों खेले धमार

सूरदास · सब कलाम देखें
औरन सों खेले धमार श्याम मोंसों मुख हू न बोले।नंदमहर को लाडिलो मोसो ऐंठ्यो ही डोले॥१॥राधा जू पनिया निकसी वाको घूंघट खोले।’सूरदास’ प्रभु सांवरो हियरा बिच डोले॥२॥
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