ग़ज़ल

अति सूख सुरत किये

सूरदास · सब कलाम देखें
अति सूख सुरत किये ललना संग जात समद मन्मथ सर जोरे ।राती उनीदे अलसात मरालगती गोकुल चपल रहतकछु थोरे ।मनहू कमलके को सते प्रीतम ढुंडन रहत छपी रीपु दल दोरे ।सजल कोप प्रीतमै सुशोभियत संगम छबि तोरपर ढोरे ।मनु भारते भवरमीन शिशु जात तरल चितवन चित चोरे ।वरनीत जाय कहालो वरनी प्रेम जलद बेलावल ओरे ।सूरदास सो कोन प्रिया जिनी हरीके सकल अंग बल तोरे ॥
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