ग़ज़ल
खेल
आओकहीं से थोड़ी सी मिट्टी भर लाएँमिट्टी को बादल में गूँथेंचाक चलाएँनए-नए आकार बनाएँ
किसी के सर पे चुटिया रख देंमाथे ऊपर तिलक सजाएँकिसी के छोटे से चेहरे परमोटी सी दाढ़ी फैलाएँ
कुछ दिन इनसे जी बहलाएँऔर यह जब मैले हो जाएँ
दाढ़ी चोटी तिलक सभी कोतोड़-फोड़ के गड़-मड़ कर देंमिली हुई यह मिट्टी फिर सेअलग-अलग साँचों में भर दें
- चाक चलाएँनए-नए आकार बनाएँ
दाढ़ी में चोटी लहराएचोटी में दाढ़ी छुप जाएकिसमें कितना कौन छुपा हैकौन बताए
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