ग़ज़ल
नंद भवन को भूषण माई
नंद भवन को भूषण माई ।यशुदा को लाल, वीर हलधर को, राधारमण सदा सुखदाई ॥इंद्र को इंद्र, देव देवन को, ब्रह्म को ब्रह्म, महा बलदाई ।काल को काल, ईश ईशन को, वरुण को वरुण, महा बलजाई ॥शिव को धन, संतन को सरबस, महिमा वेद पुराणन गाई ।‘नंददास’ को जीवन गिरिधर, गोकुल मंडन कुंवर कन्हाई ॥
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