ग़ज़ल
क्या हुआ तेरा वादा
क्या हुआ तेरा वादा, वो क़सम वो इरादा (२)भूलेगा दिल, जिस दिन तुम्हेंवो दिन जिन्दगी का आखिरी दिन होगाक्या हुआ तेरा वादा, वो क़सम वो इरादा
याद है मुझको तूने कहा थातुमसे नहीं रुठेंगे कभीफिर इस तरह से आज मिले हैंकैसे भला छूटेंगे कभीतेरी बाहों में बीते हर शामके तुझे कुछ भी याद नहींक्या हुआ ...
ओ कहने वाले मुझको फ़रेबीकौन फ़रेबी है ये बताहो जिसने गम लिया प्यार की खातिरया जिसने प्यार को बेच दियानशा दौलत का ऐसा भी क्याबेवफ़ा ये तुझे याद नहींक्या हुआ ...
भूलेगा दिल जिस दिन तुम्हेंवो दिन जिन्दगी का आखिरी दिन होगाक्या हुआ तेरा वादा, वो कसम वो इरादा
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