ग़ज़ल

मेरा सजल मुख देख लेते!

महादेवी वर्मा · सब कलाम देखें
मेरा सजल मुख देख लेते!
यह करुण मुख देख लेता!
सेतु शूलों का बना बाँधा विरह-वारीश का जल
फूल की पलकें बनाकर प्यालियाँ बाँटा हलाहल!
दुखमय सुख
सुख भरा दुःख
कौन लेता पूछ, जो तुम,
ज्वाल-जल का देश देते!
नयन की नीलम-तुला पर मोतियों से प्यार तोला,
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