ग़ज़ल आओ प्यारे तारो आओ महादेवी वर्मा · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन आओ, प्यारे तारो आओतुम्हें झुलाऊँगी झूले में,तुम्हें सुलाऊँगी फूलों में,तुम जुगनू से उड़कर आओ,मेरे आँगन को चमकाओ। पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh