ग़ज़ल ठाकुर जी भोले हैं महादेवी वर्मा · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन ठंडे पानी से नहलातीं,ठंडा चंदन इन्हें लगातीं,इनका भोग हमें दे जातीं,फिर भी कभी नहीं बोले हैं।माँ के ठाकुर जी भोले हैं। पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh