ग़ज़ल

मातम न हो क्यों भारत में बपा दुनिया से सिधारे आज तिलक

हसरत मोहानी · सब कलाम देखें
मातम न हो क्यों भारत में बपा दुनिया से सिधारे आज तिलकबलवन्त तिलक, महराज तिलक, आज़ादों के सरताज तिलकजब तक वो रहे, दुनिया में रहा हम सब के दिलों पर ज़ोर उनकाअब रहके बहिश्त में निज़्दे-ख़ुदा हूरों पे करेंगे राज तिलकहर हिन्दू का मज़बूत है जी, गीता की ये बात है दिल पे लिखीआख़िर में जो ख़ुद भी कहा है यहीं फिर आएंगे महराज तिलक
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