ग़ज़ल

चल मरदाने

हरिवंशराय बच्चन · सब कलाम देखें
चल मरदाने, सीना ताने,हाथ हिलाते, पाँव बढ़ाते,मन मुस्काते, गाते गीत ।
एक हमारा देश, हमारावेश, हमारी कौम, हमारीमंज़िल, हम किससे भयभीत ।
चल मरदाने, सीना ताने,हाथ हिलाते, पाँव बढ़ाते,मन मुस्काते, गाते गीत ।
हम भारत की अमर जवानी,सागर की लहरें लासानी,गंग-जमुन के निर्मल पानी,हिमगिरि की ऊँची पेशानीसबके प्रेरक, रक्षक, मीत ।
चल मरदाने, सीना ताने,हाथ हिलाते, पाँव बढ़ाते,मन मुस्काते, गाते गीत ।
जग के पथ पर जो न रुकेगा,जो न झुकेगा, जो न मुड़ेगा,उसका जीवन, उसकी जीत ।
चल मरदाने, सीना ताने,हाथ हिलाते, पाँव बढ़ाते,मन मुस्काते, गाते गीत ।
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