ग़ज़ल

चिड़िया का घर

हरिवंशराय बच्चन · सब कलाम देखें
चिड़िया, ओ चिड़िया,कहाँ है तेरा घर?उड़-उड़ आती हैजहाँ से फर-फर!चिड़िया, ओ चिड़िया,कहाँ है तेरा घर?उड़-उड़ जाती है-जहाँ को फर-फर!
वन में खड़ा है जोबड़ा-सा तरुवर,उसी पर बना हैखर-पातों वाला घर!उड़-उड़ आती हूँवहीं से फर-फर!उड़-उड़ जाती हूँवहीं को फर-फर!
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