ग़ज़ल
दूर पपीहा बोला रात आधी रह गई
दूर पपीहा बोला रात आधी रह गईमेरी तुम्हारी मुलाक़ात बाक़ी रह गई
मेरा मन है उदास जिया मंद मंद हैबादलों के घेरे में चाँद नज़रबंद हैबादल आये पर बरसात बाक़ी रह गईमेरी तुम्हारी मुलाक़ात बाक़ी रह गयी
दूर पपीहा बोला...
आँख मिचौली खेली, झूला झूम के झूलेबन में चमेली फूली, हम बहार में भूलेपर देनी थी जो सौगात बाक़ी रह गईमेरी तुम्हारी मुलाक़ात बाक़ी रह गई
दूर पपीहा बोला रात आधी रह गईमेरी तुम्हारी मुलाक़ात बाक़ी रह गई
(1948) फ़िल्म 'गजरे'
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