ग़ज़ल
मेरी चुनरी उड़ाए लियो जाए
मेरी चुनरी उड़ाए लियो जाएउड़ाए लियो जाए फुलवारी की ठण्डी हवा
ठण्डी हवा जो चुनरी उड़ाएगोरी ये मुखड़ा कहाँ छुपाएभौरों की टोली नजर लगाएओ नज़र सबकी बचाए लियो जाए
मेरी चुनरी उड़ाए लियो जाएउड़ाए लियो जाए फुलवारी की ठण्डी हवा
ठण्डी हवा में मन मेरा चंचलबहियाँ पकड़ के हवा कहे चल-चलचलोगी कैसे बजेगी पायलओ मेरी पायल बजाए लियो जाए
मेरी चुनरी उड़ाए लियो जाएउड़ाए लियो जाये फुलवारी की ठण्डी हवा
जब मेरे मन की चमेली फूलेफागुन में खेले सावन में झूलेभादों में रानी रस्ता न भूलेओ मेरे मन को भुलाए लियो जाए
मेरी चुनरी उड़ाए लियो जाएउड़ाए लियो जाए फुलवारी की ठण्डी हवा
(1953) फ़िल्म 'नागपंचमी'
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