ग़ज़ल

दिल चुरा कर न हमको

गोपाल सिंह नेपाली · सब कलाम देखें
दिल चुरा कर न हमको बुलाया करोगुनगुना कर न गम को सुलाया करो,
दो दिलों के मिलन का यहाँ है चलनखुद न आया करो तो बुलाया करो,रंग भी गुल शमा के बदलने लगेतुम हमीं को न कस्में खिलाया करो,
सर झुकाया गगन ने धरा मिल गईतुम न पलकें सुबह तक झुकाया करो,सिंधु के पार को चाँद जाँचा करेतुम न पायल अकेली बजाया करो,
मन्दिरों में तरसते उमर बिक गईसर झुकाते झुकाते कमर झुक गई,घूम तारे रहे रात की नाव मेंआज है रतजगा प्यार के गाँव में
दो दिलों का मिलन है यहाँ का चलनखुद न आया करो तो बुलाया करो,नाचता प्यार है हुस्न की छाँव मेंहाथ देकर न उँगली छुड़ाया करो
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