ग़ज़ल
बहारें आएँगी, होंठों पे फूल खिलेंगे
बहारें आएँगी, होंठों पे फूल खिलेंगेसितारों को मालूम था, हम दोनों मिलेंगे
सितारों को मालूम था छिटकेगी चाँदनी,सजेगा साज प्यार का बजेगी पैंजनीबसोगे मन में तुम तो मन के तार बजेंगेसितारों को मालूम था, हम दोनों मिलेंगे
मिला के नैन हम-तुम दो से एक हो गएअजी हम तुम पे पलकें उठाते ही खो गएनैना झुकायेंगे, जिया निछावर करेंगेसितारों को मालूम था, हम दोनों मिलेंगे
कली जैसा कच्चा मन कहीं तोड़ न देनाबहारों के जाने पे कहीं छोड़ ना देनाबिछड़ने से पहले हम अपनी जान दे देंगेसितारों को मालूम था, हम दोनों मिलेंगे
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