ग़ज़ल
पूरन प्रेम को मंत्र
पूरन प्रेम को मंत्र महा पन, जा मधि सोधि सुधारि है लेख्यौ।ताही के चारू चरित्र बिचित्रनि यौं पचि कै राचि राखि बिसेख्यौंऎसो हियो-हित-पत्र पवित्र जु आन कथा न कहूँ अवरेख्यौ।सो घनआनँद जान, अजान लौं टूक कियो पर बाँचि न देख्यौ॥
पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh