ग़ज़ल

दसन बसन बोली भरि ए रहे गुलाल

घनानंद · सब कलाम देखें
दसन बसन बोली भरि ए रहे गुलाल:हँसनि लसनि त्यों कपूर सरस्यौ करै ।साँसन सुगंध सौंधे कोरिक समोय धरे,:अंग-अंग रूप-रंग रस बरस्यौ करै ॥जान प्यारी तो तन ’अनंदघन’ हित नित,:अमित सुहाय आग फाग दरस्यौ करै ।इतै पै नवेली लाज अरस्यौ करै, जु प्यारौ -:मन फगुवा दै, गारी हू कों तरस्यौ करै ॥
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