ग़ज़ल

हो झालौ दे छे रसिया नागर पनाँ

बिहारी · सब कलाम देखें
हो झालौ दे छे रसिया नागर पनाँ।साराँ देखे लाज मराँ छाँ आवाँ किण जतनाँ॥छैल अनोखो कह्यो न मानै लोभी रूप सनाँ।रसिक बिहारी नणद बुरी छै हो लाग्यो म्हारो मनाँ॥
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