ग़ज़ल हो झालौ दे छे रसिया नागर पनाँ बिहारी · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन हो झालौ दे छे रसिया नागर पनाँ।साराँ देखे लाज मराँ छाँ आवाँ किण जतनाँ॥छैल अनोखो कह्यो न मानै लोभी रूप सनाँ।रसिक बिहारी नणद बुरी छै हो लाग्यो म्हारो मनाँ॥ पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh