ग़ज़ल
क्यों उसकी यह दिलजोई दिल जिसका दुखाना है
क्यों उसकी यह दिलजोई दिल जिसका दुखाना है।ठहरा के निशाने को क्या तीर लगाना है॥
अंदाज़े-तग़ाफ़ुल पर दिल चोट तो खा बैठा।अब उनकी निशानी को, उनसे भी छुपाना है॥
कमताक़तिये-नालाँ अश्कों से मदद ले लें।बेरब्त कहानी में, पेबन्द लगाना है॥
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