ग़ज़ल
जवाब देने के बदले वो शक्ल देखते हैं
जवाब देने के बदले वे शक्ल देखते हैं।यह क्या हुआ ,मेरे चेहरे को, अर्ज़ेहाल के बाद॥
अदाशनास निगाहों ने ऐसा कुछ देखा।जवाब की न तमन्ना रही सवाल के बाद॥
नातवां बीमारे-ग़म, उस पर थपेडे मौत के।बुझ गया आख़िर चिरागे़-सुबह लहराने के बाद॥
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