Other
तोरी सूरत के बलिहारी
तोरी सूरत के बलिहारी, निज़ाम
सब सखियन में चुनरी मेरी मैलीदेख हँसें नर-नारी, निज़ाम
अब के बहार चुनर मेरी रंग देपिया रख ले लाज हमारी, निज़ाम
सदक़ा बाबा गंज शकर कारख ले लाज हमारी, निज़ाम
क़ुतुब, फ़रीद मिल आए बरातीख़ुसरो राज-दुलारी, निज़ाम
पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh