ग़ज़ल
ख़बरम रसीद इम्शब
ख़बरम रसीद इम्शब कि निगार ख़्वाही आमदसर-ए-मन फ़िदा-ए-राही कि सवार ख़्वाही आमद
हमा आहवान-ए-सहरा सर-ए-ख़ुद निहादा बर कफ़ब-उमीद-ए-आँ कि रोज़े ब-शिकार ख़्वाही आमद
कशिषी कि इश्क़ दारद न-गुज़ारदत बद-ईं-साँब-जनाज़ा गर न-आई ब-मज़ार ख़्वाही आमद
ब-लबम रसीदा जानम तू बिया कि ज़िंदा मानमपस अज़-आँ कि मन न-मानम ब-चि कार ख़्वाही आमद