ग़ज़ल
इनती करै छी हे ब्राह्मण मिनती करै छी
इनती करै छी हे ब्राह्मण मिनती करै छीमिनती करै छी हे ब्राह्मणकल जोरि करै छी परिणामधरम के दुअरिया हो ब्राह्मणदाता दीनानाथकल जोरि करै छी परिणामअहर पंछ बीतलै हो ब्राह्मणपहर पंथ बीतलैब्राह्मण छचिन्ह देबताकल जोरि करै छी परिणामछप्पन कोरि देबता हो ब्राह्मणधरम के दुअरियाकल जोरि करै छी परिणामछप्पन कोरि देबता हो ब्राह्मणरोकहि छी धरम के दुआरिगाढ़ बिपत्ति परलै हो ब्राह्मणबानहि घुमड लगतइकल जोरि करै छी परिणामअबला जानि खेलई छी हो ब्राह्मणदाता दीनानाथ कल जोरी करै छी परिणामहँसइ खेलाबह हो ब्राह्मण, खैलालै चौपाड़िकल जोरि करै छी परिणामसुमिरन केलमै हो दाता दीनानाथ
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