ग़ज़ल

अभिनव पल्लव बइसंक देल

विद्यापति · सब कलाम देखें
अभिनव पल्लव बइसंक देल।धवल कमल फुल पुरहर भेल।।करु मकरंद मन्दाकिनि पानि।अरुन असोग दीप दहु आनि।।माह हे आजि दिवस पुनमन्त।।करिअ चुमाओन राय बसन्त।।संपुन सुधानिधि दधि भल भेल।भगि-भगि भंगर हंकराय गेल।।केसु कुसुम सिन्दुर सम भास।केतकि धुलि बिथरहु पटबास।।भनइ विद्यापति कवि कंठहार।रस बझ सिवसिंह सिव अवतार।।
स्रोत-सत्यापन प्रतीक्षित — This text is pending verification against an authoritative source and may contain errors.