ग़ज़ल

इनती करै छी भैरवनाथ

विद्यापति · सब कलाम देखें
इनती करै छी भैरवनाथमिनती करै छीहो भैरब कल जोरि करै छी परणाम… हेहो भैरब…..खेल धुप देखाबय हो भैरब,हो भैरव एकबाली…..भैरव दुआरि छी हो धरमक दुभारिहो ओ ओ ओ ओ…..डनिया जोगनीया भैरबनाथजाल तोरड लगतैहो भैरब कल जोरि करै छी परणाम…..कालरुप खलई छी हो भैरबनीपै छी दुआरि हे हे…..एखेल-धुप करबै हो भैर बनाय डनीया जोगनीयाकल जोटि करै…..हे हे हे हेकियै तूं लिखलैं बइमनमा रेकहलो ने जाइये हेगुण के लीयों ने सम्हारि यौ…..डानि जकां खेलई छी भैरबनाथसुमिरन देलयै दाता रे दीनानाथ केअहर पल बीतलै हो भैरबपहर पल बीतलैदाता दीनानाथ हो…..हौ भैरबनाथ कल जोरि करै…..चोर जकां खेलई छी भैरबनाथअबला हो सती कमला माय हेजैरक बात भैरब एकबालीहो भैरब कल जोरि…..गलो नहि चलै हो भैरबनाथ डनिया जोगनियाहो साबर मन्त्र मारिहइ सम्हारि कइसाबरा मन्त्र जनि हे रे बौआ दाता दीनानाथहो भैरब कल जोरि…..
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