ग़ज़ल तेल जरै बाती जरै, दीपक जरै न कोइ सुंदरदास · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन तेल जरै बाती जरै, दीपक जरै न कोइ।दीपक जरताँ सब कहै, भारी अजरज होइ॥भारी अचरज होइ, जरै लकरी अरु घासा।अग्नि जरत सब कहैं, होइ यह बडा तमासा॥ पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh