ग़ज़ल

ग्राम देवता

सुमित्रानंदन पंत · सब कलाम देखें
::राम राम,:हे ग्राम देवता, भूति ग्राम !तुम पुरुष पुरातन, देव सनातन, पूर्णकाम,शिर पर शोभित वर छत्र तड़ित स्मित घन श्याम,
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