ग़ज़ल
जय जन भारत जन मन अभिमत
जय जन भारत जन मन अभिमत
जय जन भारत जन मन अभिमतजन गण तंत्र विधाताजय गण तंत्र विधाता
गौरव भाल हिमालय उज्ज्वलहृदय हार गंगा जलकटि विंध्याचल सिंधु चरण तलमहिमा शाश्वत गाताजय जन भारत...
हरे खेत लहरें नद-निर्झरजीवन शोभा उर्वरविश्व कर्मरत कोटि बाहुकरअगणित पग ध्रुव पथ परजय जन भारत...
प्रथम सभ्यता ज्ञातासाम ध्वनित गुण गाताजय नव मानवता निर्मातासत्य अहिंसा दाता
जय हे जय हे जय हेशांति अधिष्ठाताजय-जन भारत...
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