ग़ज़ल कोयल सुभद्रा कुमारी चौहान · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन देखो कोयल काली है परमीठी है इसकी बोलीइसने ही तो कूक कूक कर स्रोत-सत्यापन प्रतीक्षित — This text is pending verification against an authoritative source and may contain errors.