ग़ज़ल

अब हम खूब बतन

रैदास · सब कलाम देखें
।। राग गौड़ी।।
अब हम खूब बतन घर पाया।उहॉ खैर सदा मेरे भाया।। टेक।।बेगमपुर सहर का नांउं, फिकर अंदेस नहीं तिहि ठॉव।।१।।नही तहॉ सीस खलात न मार, है फन खता न तरस जवाल।।२।।आंवन जांन रहम महसूर, जहॉ गनियाव बसै माबँूद।।३।।जोई सैल करै सोई भावै, महरम महल मै को अटकावै।।४।।कहै रैदास खलास चमारा, सो उस सहरि सो मीत हमारा।।५।।
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