ग़ज़ल

अहो देव तेरी अमित महिमां, महादैवी माया

रैदास · सब कलाम देखें
।। राग धनाश्री।।
अहो देव तेरी अमित महिमां, महादैवी माया।मनुज दनुज बन दहन, कलि विष कलि किरत सबै समय समंन।।निरबांन पद भुवन, नांम बिघनोघ पवन पात।। टेक।।गरग उत्तम बांमदेव, विस्वामित्र ब्यास जमदंग्नि श्रिंगी ऋषि दुर्बासा।मारकंडेय बालमीक भ्रिगु अंगिरा, कपिल बगदालिम सुकमातंम न्यासा।।१।।अत्रिय अष्टाब्रक गुर गंजानन, अगस्ति पुलस्ति पारासुर सिव विधाता।रिष जड़ भरथ सऊ भरिष, चिवनि बसिष्टि जिह्वनि ज्यागबलिक तव ध्यांनि राता।।२।।ध्रू अंबरीक प्रहलाद नारद, बिदुर द्रोवणि अक्रूर पांडव सुदांमां।भीषम उधव बभीषन चंद्रहास, बलि कलि भक्ति जुक्ति जयदेव नांमां।।३।।
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