ग़ज़ल

आज दिवस लेऊँ बलिहारा

रैदास · सब कलाम देखें
आज दिवस लेऊँ बलिहारा ।मेरे घर आया रामका प्यारा ॥टेक॥
आँगन बँगला भवन भयो पावन ।हरिजन बैठे हरिजस गावन ॥१॥
करूँ डंडवत चरन पखारूँ ।तन-मन-धन उन उपरि वारूँ ॥२॥
कथा कहै अरु अरथ बिचारैं ।आप तरैं औरन को तारैं ॥३॥
कह रैदास मिलैं निज दासा ।जनम जनमकै काटैं पासा ॥४॥
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