ग़ज़ल

कवन भगितते रहै प्यारो पाहुनो रे

रैदास · सब कलाम देखें
कवन भगितते रहै प्यारो पाहुनो रे ।घर घर देखों मैं अजब अभावनो रे ॥टेक॥मैला मैला कपड़ा केता एक धोऊँ ।आवै आवै नींदहि कहाँलों सोऊँ ॥१॥ज्यों ज्यों जोड़ै त्यों त्यों फाटै ।झूठै सबनि जरै उड़ि गये हाटै ॥२॥कह रैदास परौ जब लेख्यौ ।जोई जोई, कियो रे सोई सोई देख्यौ ॥३॥
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