ग़ज़ल
बैन वही उनकौ गुन गाइ
बैन वही उनकौ गुन गाइ, औ कान वही उन बैन सों सानी।हाथ वही उन गात सरैं, अरु पाइ वही जु वही अनुजानी॥जान वही उन प्रानके संग, औ मान वही जु करै मनमानी।त्यों रसखानि वही रसखानि, जु है रसखानि, सो है रसखानी॥
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