ग़ज़ल
अधर लगाइ रस प्याइ बाँसुरी बजाई
अधर लगाइ रस प्याइ बाँसुरी बजाई::मेरो नाम गाइ हाइ जादू कियो मन में।नटखट नवल सुघर नंदनंदन ने,::करि के अचैत चेत हरि कै जतन में।
झटपट उलट पुलट पर परिधान,::जान लागीं लालन पै सबै बाम बन में।रस रास सरस रंगीलो रसखानि आनि,::जानि जोर गुगुति बिलास कियौ जन में।
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