ग़ज़ल गुमान परवीन शाकिर · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन मैं कच्ची नींद में हूँऔर अपने नीमख़्वाबिदा तनफ़्फ़ुस में उतरतीचाँदनी की चाप सुनती हूँगुमाँ हैआज भी शायदमेरे माथे पे तेरे लबसितारे से बात करते हैं पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh