ग़ज़ल
ये नन्दगाँव ते आये इहां उत आई सुता वह कौनहू ग्वाल की
ये नन्दगांव ते आये इहां उत आई सुता वह कौनहू ग्वाल की ।त्यों पदमाकर होत जुराजुरी दौउन फाग करी इहि ख्याल की ।डीठ चली उनकी इनपै इनकी उनपै चली मूठि उताल की ।डीठि सी डीठि लगी उनको इनके लगी मूठि सी मूठि गुलाल की ।
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