ग़ज़ल

चपला चमाकैं चहुँ ओरन ते चाह भरी

पद्माकर · सब कलाम देखें
चपला चमाकैं चहु ओरन ते चाह भरीचरजि गई ती फेरि चरजन लागी री ।कहैं पद्माकर लवंगन की लोनी लतालरजि गयी ती फेरि लरजन लागी री ।कैसे धरौ धीर वीर त्रिबिध समीरैं तनतरजि गयी ती फेरि तरजन लागी री ।घुमड़ि घमंड घटा घन की घनेरी अबैगरजि गई ती फेरि गरजन लागी री ।
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