ग़ज़ल

बोलति न काहे ! एरी, पूछे बिन बोलोँ कहा

पद्माकर · सब कलाम देखें
बोलति न काहे ! एरी, पूछे बिन बोलोँ कहा ,पूछती हौँ काहे भई स्वेद अधिकाई है ।कहैँ पदमाकर सुमारग के गए आए ,साँची कह मोँसोँ आज कहाँ गई आई है ।गईआई हौँ पास साँवरे के, कौन काज ?तेरे लिये ल्यावन सुतेरिये दुहाई है ।काहेतें न लाई फिरि मोहन बिहारीजू को,कैसे वाही ल्याऊं ? जैसे वाको मन लाई है ।
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