ग़ज़ल

ए अलि हमेँ तो बात गात की न जानि परै

पद्माकर · सब कलाम देखें
ए अलि हमेँ तो बात गात की न जानि परै ,बूझत न काहे वामे कौन कठिनाई है ।कहै पदमाकर क्योँ अँग न समाती आँगी ,लागी काह तोहि जागी उर मे उंचाई है ।तौब तजि पाँयन चली है चँचलाई कितै ,बावरी बिलोकै क्यों न आँखिन मैँ आई है ।मेरी कटि मेरी भटू कौन धौं चुराई ,तेरे कुचन चुराई कै नितंबन चुराई है ।
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