ग़ज़ल

घूंघट की धूम के सुझूम के जवाहिर के

पद्माकर · सब कलाम देखें
घूंघट की धूम के सुझूम के जवाहिर के ,झिलमिल झालर की भूमि लौं झुलत जात ।कहैं पदमाकर सुधाकर मुखी के हीर ,हारन मे तारन के तोम से तुलत जात ।मंद मंद मैकल मतँग लौं चलेई भले,भुजन समेत भुज भूसन डुलत जात ।घांघरे झकोरन चहूंधा खोर खोरन मे ,खूब खसबोई के खजाने से खुलत जात ।
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