ग़ज़ल

सोभित स्वकीया गनगुन गिनती मे तहाँ

पद्माकर · सब कलाम देखें
सोभित स्वकीया गनगुन गिनती मे तहाँ ,तेरे नाम ही की एक रेखा रेखियतु है ।कहैँ पदमाकर पगी योँ पति प्रेम ही मे ,पदमिनि तोसी तिया तू ही पेखियतु है ।सुबरन रूप जैसो तैसो सील सौरभ है ,याही ते तिहारो तन धन्य लेखियतु है ।सोने मे सुगन्ध न सुगन्धन सुन्योरी सोनो ,सोनो औ सुगन्ध तो मे दोनो देखियतु है ।
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