ग़ज़ल
तीखे तेगवाही जे सिलाही चढे घोड़न पै
तीखे तेगवाही जे सिलाही चढे घोड़न पै,स्याही चढे अमित अरिंदन की ऐल पै.कहै पद्माकर निसान चढ़े हाथिन पै,धूरि धार चढ़े पाकसासन के सेल पै.साजि चतुरंग चमू जंग जीतिबे के हेतु,हिम्मत बहादुर चढ़त फर फैल पै.लाली चढ़े मुख पै,बहाली चढ़े बाहन पै,काली चढ़े सिंह पै,कपाली चढ़े बैल पै.
पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh