ग़ज़ल

चहचही चुभकैँ चुभी हैँ चौँक चुँबन की

पद्माकर · सब कलाम देखें
चहचही चुभकैँ चुभी हैँ चौँक चुँबन की ,लहलही लांबी लहैँ लटकी सुलँक पर ।कहै पदमाकर मजान मरगजी मँजु ,मसकी सुआँगी है उरोजन के अँक पर ।सोइ सरसार योँ सुगँधन समोइ सेज ,सीतल सलोने लोने बदन मयँक पर ।किन्नरी नरी है कि परी है छविदार परी ,टूटि सी परी है कि परी है परयँक पर ।
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