ग़ज़ल
दलित जन पर करो करुणा
दलित जन पर करो करुणा।दीनता पर उतर आयेप्रभु, तुम्हारी शक्ति वरुणा।
हरे तन मन प्रीति पावन,मधुर हो मुख मनभावन,सहज चितवन पर तरंगितहो तुम्हारी किरण तरुणा
देख वैभव न हो नत सिर,समुद्धत मन सदा हो स्थिर,पार कर जीवन निरंतररहे बहती भक्ति वरूणा।
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