ग़ज़ल
बापू, तुम मुर्गी खाते यदि...
बापू, तुम मुर्गी खाते यदितो क्या भजते होते तुमकोऐरे-ग़ैरे नत्थू खैरे - ?सर के बल खड़े हुए होतेहिंदी के इतने लेखक-कवि?
बापू, तुम मुर्गी खाते यदितो लोकमान्य से क्या तुमनेलोहा भी कभी लिया होता?दक्खिन में हिंदी चलवाकरलखते हिंदुस्तानी की छवि,बापू, तुम मुर्गी खाते यदि?
बापू, तुम मुर्गी खाते यदितो क्या अवतार हुए होतेकुल के कुल कायथ बनियों के?दुनिया के सबसे बड़े पुरुषआदम, भेड़ों के होते भी!बापू, तुम मुर्गी खाते यदि?
बापू, तुम मुर्गी खाते यदितो क्या पटेल, राजन, टंडन,गोपालाचारी भी भजते- ?
भजता होता तुमको मैं औ´मेरी प्यारी अल्लारक्खी !
बापू, तुम मुर्गी खाते यदि !
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