ग़ज़ल
जंगल में
जंगल मेंलगी रही आगलगातार तीन दिन, दो रातनिकटवर्ती गुफ़ावालाबाघ का खानदानविस्थापित हो गया
उस झरने के निकटउसकी गुफ़ा भीदावानल के चपेट मेंआ गई थी...वो अब किधरभटक रहा होगा ?रात को निकलता होगापूर्ववत्...
बाघिन बेचारीअपने दोनों बच्चों पररात-दिन पहरा देती होगीमध्यरात्रि मेंआसपास की झाड़ियों केचक्कर लगा आती होगीज़रूर ही जल्द वापस होती होगीवात्सल्य क्याउस ग़रीब कास्थाई भाव न होगाबाघ लेकिनसारा-सारा दिनवापस न आता होगाहाँ, शिकार पा जाने परफौरन लौटता होगा बाघ !
(5.6.85)
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